पीडियाट्रिक अस्थमा क्या है?1
अस्थमा फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है।
हाल ही में हुई एक स्टडी से पता चला है कि हर 100 भारतीय बच्चों में से लगभग 8 बच्चों को अस्थमा है।
यह आमतौर पर बचपन में, पांच वर्ष की आयु से पहले शुरू होता है और यह आपके बच्चे के वायुमार्ग को प्रभावित करता है, जो फेफड़ों के अंदर और बाहर हवा ले जाने वाली नलिकाएं हैं।
जब बच्चे को अस्थमा होता है, तो उसके वायुमार्ग में सूजन और संकुचन हो सकता है।
इससे घरघराहट, खांसी और सीने में जकड़न हो सकती है।
जब अस्थमा का अटैक आता है या बीमारी बढ़ती तो ये लक्षण सामान्य से ज्यादा बिगड़ जाते हैं।

बच्चों में अस्थमा के मुख्य लक्षण3
सांसों की इस गंभीर बीमारी का समय पर इलाज करने और प्रभावी नियंत्रण के लिए बच्चों में अस्थमा के लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है। अस्थमा के बार-बार होने लक्षण और गंभीर लक्षण, दोनों अलग-अलग हो सकते हैं।
माता-पिता को इन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए:

सांस लेने में तकलीफ

खांसी, खासकर रात में या एक्सरसाइज/एलर्जी के दौरान

घरघराहट

सीने में जकड़न या दबाव

सांस लेने में तकलीफ

खांसी, खासकर रात में या एक्सरसाइज/एलर्जी के दौरान
अस्थमा
मुख्य लक्षण

घरघराहट

सीने में जकड़न या दबाव
बच्चों में अस्थमा के ट्रिगर होने के कारक4
बचपन में अस्थमा, पर्यावरण और जेनेटिक वजहों के मेल से होता है। यदि आपका बच्चा अस्थमा के ट्रिगर करने वाले कारकों के संपर्क में आता है, तो उसे अस्थमा का अटैक आ सकता है। ट्रिगर करने वाले अलग-अलग कारकों से अलग-अलग तरह का अस्थमा हो सकता है।
एलर्जिक अस्थमा इन चीजों से होता है

धूल के कण

घास, पेड़ों और खरपतवारों के परागकण

पालतू जानवर

फफूंदी

तिलचट्टों और चूहों जैसे कीटों का अपशिष्ट
नॉन-एलर्जिक अस्थमा इन चीजों से होता है

ठंडी हवा में सांस लेना

घर के केमिकल

सर्दी और फ्लू जैसे इंफेक्शन वाले पदार्थ

बाहरी हवा का प्रदूषण

एक्सरसाइज से होने वाला अस्थमा

नॉन-एलर्जिक अस्थमा इन चीजों से होता है
डायग्नोसिस के प्रकार5, 6

डायग्नोसिस के प्रकार
फिजिकल जांच और मेडिकल हिस्ट्री रिव्यू।

चेस्ट एक्स-रे:
फेफड़ों को प्रभावित करने वाली दूसरी समस्या का पता लगाने के लिए।

"लंग फंक्शन टेस्ट (स्पाइरोमेट्री (Spirometry), ऑस्सिलोमेट्री (Oscillometry), फीनो (FeNO)): "
फेफड़ों के फंक्शन और वायुमार्ग की सूजन या सिकुड़न को समझने के लिए।

पीक फ्लो टेस्ट:
यह मापता है कि बच्चा कितनी ताकत से सांस बाहर निकाल सकता है, जिससे वायुमार्ग के संकुचन का संकेत मिलता है।

एलर्जी स्किन प्रिक टेस्ट (एसपीटी (SPT)) या ब्लड टेस्ट:
यदि एलर्जी को ट्रिगर का कारक माना जाता है।

अस्थमा की दवाओं का ट्रायल:
यह छोटे बच्चों के लिए है, जो लंग फंक्शन टेस्ट नहीं कर सकते।
References:
1. Available on, https://medlineplus.gov/asthmainchildren.html; accessed on 04/07/2024.
2. Daniel, R. A., Aggarwal, P., Kalaivani, M., & Gupta, S. K. (2022). Prevalence of asthma among children in India: A systematic review and meta-analysis. Lung India, 39(4), 357-367.
3. Available on,https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/childhood-asthma/symptoms-causes/syc -20351507; accessed on 04/07/2024.
4. Available on, https://medlineplus.gov/asthma.html; accessed on 04/07/2024.
5. Available on, https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/childhood-asthma/diagnosis-treatment /drc-20351513; accessed on 04/07/2024.
6. Available on, https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/6776-asthma-in-children; accessed on 04/07/2024.